शिअद नेता मजीठिया को एक बार फिर हाईकोर्ट से नहीं मिली कोई राहत
ज़मीन रिकॉर्ड गायब होने के मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया गया था
वकीलों के बीच तीखी बहस होती रही, लेकिन अदालत ने फैसला नहीं लिया
चंडीगढ़
पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मजीठिया को एक बार फिर हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने मजीठिया को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मजीठिया की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी है। बिक्रम सिंह मजीठिया ने ज़मीन के रिकॉर्ड गायब होने के मामले में अग्रिम ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी। मजीठिया के वकील ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी अंतरिम ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया।
बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल में बंद हैं
गौरतलब है कि बिक्रम सिंह मजीठिया को कुछ महीने पहले विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में गिरफ्तार किया था। इन दिनों वह न्यायिक हिरासत में हैं और नाभा जेल में बंद हैं। बता दें कि इस मामले को लेकर कल भी अदालत में सुनवाई हुई थी, जिस दौरान वकीलों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही, लेकिन अदालत ने कोई फैसला नहीं लिया और आज के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया, यानी आज ही अदालत ने ज़मानत याचिका खारिज कर दी।
गिरफ्तारी से अब तक का पूरा घटनाक्रम
विजिलेंस ने मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद हिमाचल, दिल्ली और यूपी समेत 25 ठिकानों पर छापेमारी कर उनकी संपत्तियों की जांच की गई। प्रारंभिक रिमांड के बाद से मजीठिया 6 जुलाई से जेल में बंद हैं। उन्होंने रक्षा बंधन, दशहरा, दीवाली और गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व जेल में ही मनाया। विजिलेंस ब्यूरो ने 22 अगस्त को विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इसमें 40,000 से अधिक पन्नों के दस्तावेजी सबूत, 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल हैं।