14 साल से केंद्र सरकार के पास अपील पेंडिंग पड़ी है
5 साल से SC बार-बार फैसले को सवाल खड़ा कर रही
वहीं, कौम के सम्मान को आगे रखकर फैसला लिया जाए
30 साल बाद भी फैसला ना करना, बहुत बड़ी बे-इंसाफी
बलवंत राजोआना को 2007 में फांसी सजा सुनाई गई थी
पंजाब डेस्क
पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना को पटियाला के मेडिकल कॉलेज में लाया गया। जहां राजोआना की रेगुलर जांच की गई। जांच के बाद राजोआना ने कहा कि 19 साल से फांसी की चक्की पर हूं, जल्द इस पर फैसला लिया जाए। 14 साल से केंद्र सरकार के पास अपील पेंडिंग पड़ी है। मैं यही कहूंगा कि फैसला किया जाए। 5 साल से सुप्रीम कोर्ट बार-बार फैसले के लिए सवाल खड़ा कर रही है।
बहुत हो गया इंतजार, फैसला लें
मै, श्री अकाल तख्त साहिब व जत्थेदार से विनती करता हूं कि अगला फैसला लिया जाए। बहुत हो गया इंतजार। 30 साल बाद भी फैसला ना करना, ये बहुत बड़ी बे-इंसाफी है। मेरी जत्थेदार से विनती है, कौम के सम्मान को आगे रख फैसला लिया जाए। बहुत इंतजार हो गया।
2007 में सुनाई फांसी की सजा
दरअसल पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में राजोआना को 2007 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसके लिए 31 मार्च 2012 की तारीख रखी गई थी। पर इससे पहले ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दायर कर दी।
14 साल से पेंडिंग है याचिका
राजोआना की दया याचिका पर देरी को देखते हुए ही उनकी फांसी की सजा को उम्रकैद में सुप्रीम कोर्ट में बदलने की मांग की गई है। क्योंकि पिछले 14 साल से राजोआना की दया याचिका राष्ट्रपति के पास पेडिंग पड़ी हुई है और वह पटियाला की जेल में बंद हैं।