बाढ़ आने के कारण 130 करोड़ रुपये की दवाइयाँ नष्ट हो गईं हैं
प्रमुख सचिव से आशा वर्करों तक हर कोई निरंतर सेवा कर रहा
पंजाब दौरे पर आने वाले प्रधानमंत्री को उनकी सीधी अपील है
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है
राज्य की रिकवरी के लिए 20,000 करोड़ रु की तत्काल जरूरत
चंडीगढ़ :
पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री के दौरे से पहले, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सोमवार को हाल ही में आए बाढ़ के कारण प्रदेश के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान का खुलासा करते हुए बताया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 780 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पंजाब भवन में संबोधित करते डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़ा झटका दिया है, जिससे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल और डायरेक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. हितिंदर कौर भी रहेे।
सेहत सुविधाओं को भारी नुकसान
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण 130 करोड़ रुपये की दवाइयाँ नष्ट हो गईं हैं। इसके अलावा 1,280 डिस्पेंसरी और स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र, 101 कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और राज्य के 41 सब-डिवीजनल अस्पतालों में से 31 को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रारंभिक नुकसान लगभग 780 करोड़ हो गया है। इस भारी विनाश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव से आशा वर्करों तक हर कोई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सेवा कर रहा है।
तत्काल वित्तीय सहायता की मांग
डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि हमारी मेडिकल टीमें जरूरतमंद लोगों को हर संभव तरीके, चाहे एम्बुलेंस हों या कश्तियाँ या हेलीकॉप्टर की उपयोगिता से चिकित्सीय सहायता प्रदान करने को सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, जे.पी. नड्डा को पत्र लिख कर मारू प्रभाव का विवरण दे दिया है और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है।
20,000 करोड़ रु की तत्काल जरूरत
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब के ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य देखभाल की रीढ़ टूट गई है। इसमें सिर्फ इमारतें नहीं बल्कि जीवन-रक्षक उपकरण, आवश्यक दवाइयाँ और भारी नुकसान के कारण लाखों पंजाबियों की देखभाल एवं पुनर्वास भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हमें आवश्यक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और व्यापक राज्य की रिकवरी के लिए कम से कम 20,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की तत्काल जरूरत है।
मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बहुत जरूरी
केंद्र द्वारा रोके गए 60,000 करोड़ रुपये के फंड को तुरंत जारी करने की प्रदेश सरकार की मांग को भी दोहराया, जो कि पंजाब की बाढ़ प्रभावित अर्थव्यवस्था की संपूर्ण रिकवरी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुनः सजीव हो रही आबादी और अर्थचारे के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली बहुत जरूरी है। अब मंगलवार को पंजाब दौरे पर आने वाले प्रधानमंत्री को उनकी सीधी अपील है कि पंजाब को बनती वित्तीय सहायता जल्दी से जल्दी दी जाए।
गैर-जिम्मेदाराना नजरिए पर सवाल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री के दौरे का स्वागत करते हैं, पर हमें एकजुटता की ज्यादा जरूरत है। डॉ. बलबीर सिंह ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गैर-जिम्मेदाराना नजरिए पर भी सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री को पंजाब की दुर्दशा प्रति एक व्यापक, सहानुभूतिपूर्ण नजरिया अपनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को सिर्फ जज़्बाती बातें या खोखले वादे नहीं, बल्कि सच्चाई पर आधारित ठोस कार्रवाई और तत्काल फंड की जरूरत है।
संकट में डटकर खड़ी पंजाब सरकार
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आप की अगुवाई वाली पंजाब सरकार इस संकट दौरान लोगों के साथ डटकर खड़ी है और पंजाब के लिए एक मजबूत, अधिक प्रभावी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की पुनः सर्जना के लिए आवश्यक राहत और सहायता प्राप्त करने के लिए डटकर वकालत करती रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा गैर-सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) और वॉलंटियरों का भी निःस्वार्थ आगे आने और तन-मन से सहायता की पेशकश करने के लिए धन्यवाद किया गया।