Punjab Health Department is fully committed

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पंजाब का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह वचनबद्ध

Written by:

Nischal Nayyar

Last Updated: September 03 2025 12:21:18 PM

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पंजाब का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह वचनबद्ध

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए पंजाब का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह वचनबद्ध

818 टीमें, जिनमें 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और 360 मोबाइल मेडिकल टीमें शामिल

स्वास्थ्य टीमें मौके पर ही गर्भवती महिलाओं की जांच कर प्राथमिकता भी दे रही हैं

बाढ़ प्रभावित जिलों में 11,103 से अधिक आशा वर्कर घर-घर दवाइयाँ बाँट रही हैं 

फ्रंटलाइन टीमों के ल‍िए अहम कदम, 322 नए मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किए गए

हम आपके साथ खड़े हैं और संकट के समाप्त होने तक हर संभव राहत प्रदान करेंगे

चंडीगढ़ : 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज यहाँ बताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे की अगुवाई करते हुए पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों की सेहत और भलाई के लिए लामबंदी, इलाज और बीमारियों की रोकथाम पर केंद्रित बहु-आयामी रणनीति अपनाई है। इसमें 818 टीमें, जिनमें 458 रैपिड रिस्पॉन्स टीमें और 360 मोबाइल मेडिकल टीमें शामिल हैं, आवश्यक दवाइयों से पूरी तरह सुसज्जित हैं। हमारा लक्ष्य राज्य के हर व्यक्ति तक चिकित्सीय सुविधा पहुँचाना है और हम इस वायदे को पूरा कर रहे हैं। 

प्रतिदिन मेडिकल कैंप 

उन्होंने आगे बताया कि प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में प्रतिदिन मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि निर्बाध इलाज उपलब्ध कराया जा सके। अब तक 962 कैंप लगाए जा चुके हैं, जहाँ 31,876 से अधिक मरीजों की जांच की गई है और दस्त, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, त्वचा व आँखों की एलर्जी और कुत्तों के काटने जैसी बीमारियों का उपचार किया गया है। स्वास्थ्य टीमें मौके पर ही गर्भवती महिलाओं की जांच कर उन्हें प्राथमिकता भी दे रही हैं।

मजबूत तंत्र मौजूद

डॉ. बलबीर सिंह (Dr. Balbir Singh) ने कहा कि हमारे पास इस संकट से निपटने के लिए एक मजबूत तंत्र मौजूद है। राज्य के पास बाढ़ राहत हेतु विशेष रूप से चयनित 66 आवश्यक दवाइयों और 21 वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा जिलों को अलग-अलग फंड आवंटित किए गए हैं ताकि प्रत्येक अस्पताल आवश्यक दवाइयाँ खरीद सके और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करा सके।

घर-घर दवाइयाँ 

बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए किए जा रहे सक्रिय उपायों पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात 11,103 से अधिक आशा वर्कर घर-घर जाकर दवाइयाँ बाँट रही हैं और जलजनित व वेक्टर जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैला रही हैं। वे गर्भवती महिलाओं की निगरानी व देखभाल को भी प्राथमिकता दे रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि नियमित टीकाकरण समय-सारणी में बाधा न आए।

424 एम्बुलेंस कार्यरत

मेडिकल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 170 एम्बुलेंसें तैनात की हैं। इस बेड़े को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई.एम.ए.), नर्सिंग कॉलेजों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा उपलब्ध करवाई गई 254 अन्य पूर्ण रूप से सुसज्जित एम्बुलेंसों के सहयोग से और विस्तारित किया गया है। डॉ. बलबीर सिंह ने पुष्टि की कि कुल 424 एम्बुलेंसों को कार्यरत करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर समय चिकित्सीय सहायता उपलब्ध हो।

एक हेलीकॉप्टर तैनात

उन्होंने बताया कि जिला गुरदासपुर में दो विशेष नाव एम्बुलेंसें और गर्भवती महिलाओं समेत गंभीर मरीजों की आपातकालीन एयरलिफ्ट हेतु एक हेलीकॉप्टर तैनात किया गया है। अब तक पाँच गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया है। मंत्री ने कहा कि ये अधिकारी मोबाइल टीमों और एम्बुलेंस सेवाओं का नेतृत्व करेंगे, मेडिकल कैंपों का संचालन करेंगे और संभावित बीमारियों के प्रसार की निगरानी करेंगे।

322 मेडिकल ऑफिसर

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 322 नए मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से 138 को विशेष रूप से 7 सबसे अधिक प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। हम आई.एम.ए. पंजाब, नर्सिंग कॉलेजों, निजी अस्पतालों और पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के सहयोग के लिए आभारी हैं, जिन्होंने मदद के लिए आगे आकर सामुदायिक भावना का परिचय दिया है। 

सरकार की प्रतिबद्धता 

डॉ. बलबीर सिंह ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशानुसार पंजाब सरकार निरंतर मेहनत कर रही है। हमारी टीमें निर्बाध स्वास्थ्य देखभाल और रोकथाम सेवाएँ प्रदान करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। हम हर नागरिक को भरोसा दिलाते हैं कि हम आपके साथ खड़े हैं और इस संकट के पूरी तरह समाप्त होने तक हर संभव राहत प्रदान करते रहेंगे।

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