Sant Balbir Singh Seechewal writes to PM Modi

गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थल का पुनर्निर्माण हो

Written by:

Nischal Nayyar

Last Updated: September 27 2025 02:30:14 PM

गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थल का पुनर्निर्माण हो, संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र

गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थल का पुनर्निर्माण हो

द्वितीय विश्व युद्ध और अमेरिका-इराक युद्ध के दौरान पहुँचा भारी नुकसान

इराक के सुप्रीम लीडर सैयद अली हुसैनी खमेनी से संपर्क करें प्रधानमंत्री 

गुरु नानक देव जी का ऐतिहासिक स्थल अब अपने मूल स्वरूप में नहीं है

लंबे समय से इराक का सिख समाज पुनर्निर्माण के लिए करता रहा अपील

नई दिल्ली/चंडीगढ़। 

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राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बगदाद (इराक) में गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक स्थल के पुनर्निर्माण की मांग की है। अपने पत्र में संत सीचेवाल ने लिखा कि उदासियों के दौरान श्री गुरु नानक देव जी सन् 1511 ईस्वी में इराक के शहर बगदाद गए थे। द्वितीय विश्व युद्ध और अमेरिका-इराक युद्ध के दौरान इस ऐतिहासिक स्थल को भारी नुकसान पहुँचा था। संत सीचेवाल ने कहा कि दुनियाभर में गुरु नानक नाम लेवा संगतें रहती हैं और उनकी श्रद्धा है कि गुरु साहिब का यह पवित्र स्थल फिर से उसी स्वरूप में स्थापित हो।

 पवित्र स्थल का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करें

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए इराक के सुप्रीम लीडर सैयद अली हुसैनी खमेनी से संपर्क करें और इस पवित्र स्थल के पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करवाएं। गौरतलब है कि 23 जनवरी 1990 को इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने सिख धर्म के नेताओं से मुलाकात के बाद इस गुरुघर के पुनर्निर्माण की अनुमति दी थी।

आपसी भाईचारे और शांति का संदेश

पत्रकारों से बातचीत करते हुए संत सीचेवाल ने बताया कि इराक में रहने वाले सिख भाईचारे ने उनसे टेलीफोन पर संपर्क कर यह मांग रखी है कि गुरु नानक देव जी के ढह चुके ऐतिहासिक स्थल का पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपनी उदासियों के दौरान आपसी भाईचारे और शांति का संदेश दिया था, और उसी मार्ग पर चलकर ही पूरी दुनिया में अमन-शांति स्थापित की जा सकती है।

ऐतिहासिक स्थल मूल स्वरूप में नहीं

इराक में रहने वाले सिख नौजवान सुखपाल सिंह और रशपाल सिंह ने बताया कि सिख समुदाय इस बात से चिंतित है कि गुरु नानक देव जी का ऐतिहासिक स्थल अब अपने मूल स्वरूप में नहीं है। उन्होंने कहा कि इराक में सिखों को धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से इराक का सिख समाज इस स्थल के पुनर्निर्माण के लिए दुनियाभर के सिख धार्मिक नेताओं से अपील करता आ रहा है।

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