लुधियाना में 3 टोल प्लाजा किए फ्री : इंटरनेट बंद, लोगों के नंबर लिए जा रहे; भारत-अमेरिका FTA का जता रहे विरोध
किसी वाहन ड्राइवर के पास टोल टैक्स कटने का मैसेज आता है तो उसे बंद करवाने की कार्रवाई की जाएगी
इस दौरान इन टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहन बिना टोल शुल्क दिए आवागमन कर सकेंगे
वहीं, किसान संगठन के नेताओं ने बताया यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किया जा रहा है
उधर, जबतक किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तबतक उनका आंदोलन जारी रहेगा
लुधियाना :
लुधियाना में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तीन टोल प्लाजा को फ्री कर दिया है। इस दौरान टोल प्लाजा पर इंटरनेट सेवा बंद करवा दी गई है और वहां से गुजरने वाले लोगों के नंबर भी लिए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि किसी वाहन ड्राइवर के पास बाद में टोल टैक्स कटने का मैसेज आता है तो उसे बंद करवाने की कार्रवाई की जाएगी।
बिना टोल शुल्क दिए आवागमन कर सकेंगे
जिले के लाडोवाल, गुल्लाल और चौकीमान टोल प्लाजा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक टोल फ्री रहेंगे। इस दौरान इन टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी छोटे-बड़े वाहन बिना टोल शुल्क दिए आवागमन कर सकेंगे। किसान संगठनों के नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए किसान, मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीतियां लागू कर रही है।
किसान संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं
प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, इसलिए किसान संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं दे रही। इसी कारण संयुक्त किसान मोर्चा ने आज राज्यभर के टोल प्लाजाओं पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और उन्हें निर्धारित समय के लिए टोल मुक्त रखने का फैसला लिया है।
पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं
लुधियाना में सुबह से ही किसान संगठनों के कार्यकर्ता तीनों टोल प्लाजा पर पहुंचने लगे। दोपहर 12 बजे से प्रदर्शन तेज होने के साथ बड़ी संख्या में किसान वहां एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और किसान विरोधी नीतियां वापस नहीं ली जातीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।