Vice President gives formal approval

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव को उपराष्ट्रपति ने दी औपचारिक मंजूरी

Written by:

Nischal Nayyar

Last Updated: November 28 2025 04:14:10 PM

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव को उपराष्ट्रपति ने दी औपचारिक मंजूरी, पूरे पंजाब की जीत : सीएम मान 

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव को उपराष्ट्रपति ने दी औपचारिक मंजूरी

चुनाव विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे

चुनाव की तारीखों को मंजूरी मिलने के बाद विजय जुलूस निकालेंगे

घेराबंदी से पहले ही उपराष्ट्रपति ने चुनाव के लिए अपनी मंजूरी दी

संस्थान सिर्फ विश्वविद्यालय नहीं बल्कि पंजाब की एक विरासत है

विवि के छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और पंजाबी बधाई के पात्र हैं

चंडीगढ़

पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें कि उपराष्ट्रपति ने चुनाव कराने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, जो विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं, ने नए सीनेट चुनाव कराने की औपचारिक मंजूरी दी है। 

पूर्व में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे चुनाव

इस संबंध में सचिव सरिता चौहान ने बताया कि चुनाव विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में प्रस्तुत कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे। चुनाव की तारीखों को मंजूरी मिलने के बाद छात्र संगठन आज विजय जुलूस निकालेंगे. पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट का कार्यकाल पांच साल का है और आखिरी सीनेट 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हो गई। केंद्र सरकार ने नई सीनेट के चुनाव से पहले पुरानी सीनेट को भंग कर दिया, जिससे चुनाव रुक गए।

घेराबंदी से पहले ही चुनाव के लिए अपनी मंजूरी 

पीयू चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा पिछले 25 दिनों से सीनेट चुनाव की तारीखों की घोषणा की मांग को लेकर यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन कर रहा था। इस बीच कई संगठनों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं की गई तो वे 3 दिसंबर को पंजाब के सभी बीजेपी दफ्तरों का घेराव करेंगे. घेराबंदी से पहले ही उपराष्ट्रपति ने चुनाव के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।

पंजाब की विरासत यह संस्थान : मुख्यमंत्री मान

इस बारे में सीएम मान ने ट्वीट किया कि उपराष्ट्रपति माननीय सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव को मंजूरी देना पूरे पंजाब के लिए एक बड़ी जीत है। यह संस्थान सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं बल्कि पंजाब की एक विरासत है। विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और हर पंजाबी बधाई का पात्र है, जिन्होंने अत्यधिक दबाव के बावजूद भी अपनी हिम्मत नहीं टूटने दी। संघर्ष जारी रहा, अंततः संघर्ष सफल हुआ।