*Indians living in Portugal are in danger

पुर्तगाल में रहने वाले भारतीयों पर मंडरा रहा खतरा

Written by:

Nischal Nayyar

Last Updated: September 11 2025 02:23:56 PM

पुर्तगाल में रहने वाले भारतीयों पर मंडरा रहा खतरा, युवाओं ने 17 सितंबर को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की

पुर्तगाल में रहने वाले भारतीयों पर मंडरा रहा खतरा

विदेशियों पर निर्वासन की तलवार जिनमें लगभग 13,380 भारतीय शामिल

कुछ लोगों को जेल में डाल दिया है, जिनमें 10-12 भारतीय भी शामिल हैं

पुराने कानून के अनुसार 90 दिनों के भीतर बताएंगें, रह सकता है या नहीं

पुर्तगाल पीड़ितों ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मदद की गुहार लगाई है

प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर को ईमेल के ज़रिए पत्र भेजा

इंटरनेशनल डेस्क : 

अमेरिका के बाद, यूरोपीय देश पुर्तगाल में 2 महीने पहले बनी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रवासी-विरोधी नीतियों को अपनाकर विदेशियों को देश से निर्वासित करना चाहती है, दरअसल, पुर्तगाल में रहने वाले विदेशियों पर निर्वासन की तलवार लटक रही है, जिनमें लगभग 13,380 भारतीय शामिल हैं। ऐसे में भारतीयों पर देश से बाहर किये जाने का खतरा मंडरा रहा है। कुछ लोगों को जेल में डाल दिया है, जिनमें 10-12 भारतीय भी शामिल हैं। युवाओं ने 17 सितंबर को विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। गौरतलब है कि पुर्तगाल से निर्वासित किए जाने वाले विभिन्न देशों के विदेशियों की संख्या 4 लाख बताई जा रही है, जिन्हें वहां की नई सरकार ने हिरासत में लेने के आदेश जारी किए हैं।

6 सालों से सरकार को टैक्स दे रहे

यहां आपको बता दें कि पंजाब के कई ज़िलों के युवा पुर्तगाल में रह रहे हैं और पिछले 5-6 सालों से सरकार को टैक्स दे रहे हैं। ये सभी वहां कानूनी रूप से रह रहे हैं और सरकार से चिकित्सा सुविधाएं भी ले रहे हैं। इसके बावजूद, नई सरकार उन्हें वहां से जबरन निकालना चाहती है। 

सभी कानूनों का पालन आवश्यक

पुराने आव्रजन कानून 88 और 89 के अनुसार, अगर कोई गैर-पुर्तगाली यहां आता है और कानूनी तौर पर परमिट प्राप्त करता है, तो वह वहां रह सकता है। वहां का कानून यह है कि अगर कोई विदेशी वहां आता है और सभी कानूनों का पालन करता है, तो उसे 90 दिनों के भीतर बता दिया जाता है कि वह रह सकता है या नहीं। 

प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से गुहार

पीड़ितों ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मदद की गुहार लगाई है। पुर्तगाल भेजे जाने वाले भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को ईमेल के ज़रिए एक पत्र भेजा है, जिसमें उनसे पुर्तगाली सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध किया गया है।*

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