संगरूर और पटियाला में कर्मचारियों पर 307 जैसी गंभीर धाराएं लगाई और अब तक रिहा नहीं किया
कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023 के नाम पर परेशानी में फंसाया
टायर और स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण मौजूदा बसें डिपो में, निजी बस मालिकों को मिला फायदा
सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, 11 फरवरी को दोपहर से शाम तक बस संचालन बंद करने का ऐलान
वहीं, 12 फरवरी को मुख्यमंत्री पंजाब आवास के बाहर पूर्ण चक्का जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा
पंजाब डेस्क
पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। यूनियन ने बस संचालन बंद करने और चक्का जाम की चेतावनी देते हुए कर्मचारियों पर दर्ज मामलों, रोजगार नीति और परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यूनियन ने ऐलान किया कि 11 फरवरी को दोपहर से शाम तक बसों का संचालन बंद रहेगा, जबकि 12 फरवरी को मुख्यमंत्री पंजाब के आवास के बाहर पूर्ण चक्का जाम कर धरना दिया जाएगा।
जेल में बंद कर्मचारियों की रिहाई की उठाई मांग
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि संगरूर और पटियाला में कर्मचारियों पर धारा 307 जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं और उन्हें अब तक रिहा नहीं किया गया। सोमवार को पंजाब के सभी डिपो में गेट रैलियां आयोजित कर जेल में बंद कर्मचारियों की रिहाई की मांग की गई। जालंधर के दोनों डिपो में हुई रैलियों में नेताओं ने सरकार पर युवाओं को रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगाया।
निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने का आरोप
उन्होंने कहा कि पिछले 15–20 वर्षों से कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों को स्पेशल कैडर पॉलिसी 2023 के नाम पर नई परेशानियों में डाला जा रहा है, जिसका शिक्षक भी विरोध कर चुके हैं। यूनियन ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, परिवहन विभाग को मजबूत करने और नई सरकारी बसें शामिल न करने पर भी सरकार को घेरा, साथ ही निजी बस ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध जताया।