बठिंडा के गहरी भागी पंचायत ने प्रवासियों को लेकर कड़े नियम लागू
पंचायत का फैसला गांव के गुरुद्वारा साहिब से ऐलान कर सुनाया गया
गांव की सुरक्षा और माहौल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है
प्रवासी यहां स्थायी रूप से बस नहीं सकेगा और न ही वोट डाल सकेगा
कई किसानों और निवासियों ने पंचायत के फैसले का समर्थन किया है
पंजाब डेस्क
पंजाब के ग्रामीण इलाकों में होशियारपुर घटना के बाद प्रवासियों के खिलाफ गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस कड़ी में बठिंडा के गहरी भागी गांव की पंचायत ने प्रवासियों को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। पंचायत का फैसला गांव के गुरुद्वारा साहिब से ऐलान कर सुनाया गया, जिसे किसान यूनियन का भी समर्थन मिला है।
जारी किए नियम
प्रवासी गांव में कोई घर या जमीन नहीं खरीद सकेंगे।
प्रवासी मजदूरों के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी बनवाने पर पाबंदी।
गांव में आने वाले प्रवासी सिर्फ खेत की मोटर पर ही रह सकेंगे।
जिस किसान के खेत में प्रवासी मजदूर काम करेगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी किसान की होगी।
हर प्रवासी मजदूर का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
फैसले की वजह
गांव के सरपंच बलजीत सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में होशियारपुर और पंजाब के अन्य हिस्सों में प्रवासियों से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं। गांव की सुरक्षा और माहौल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरपंच ने साफ कहा कि गांव में आने वाला कोई भी प्रवासी यहां स्थायी रूप से बस नहीं सकेगा और न ही वोट डाल सकेगा।
असर और प्रतिक्रिया
गांव के कई किसानों और स्थानीय निवासियों ने पंचायत के फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे गांव में अपराध पर लगाम लगेगी। हालांकि, प्रवासी मजदूरों में इसे लेकर चिंता देखी जा रही है। यह कदम कानूनी बहस भी खड़ा कर सकता है, क्योंकि संविधान हर नागरिक को देश में कहीं भी बसने और वोट डालने का अधिकार देता है। प्रशासन की ओर से अभी इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।