मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विशेष सत्र के दौरान लिए जाने वाले फैसले बाढ़ प्रभावित नागरिकों को बड़ी राहत देंगे। राज्य सरकार प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए कई संशोधनों और नए कानूनों को मंजूरी दी जाएगी
2,300 से अधिक गांव डूबे, 20 लाख लोग प्रभावित, पाँच लाख एकड़ ज़मीन पर फसलें तबाह
राज्य में बाढ़ आपदा में 56 लोगों की जान चली गई और लगभग सात लाख लोग बेघर हो गए
3,200 सरकारी स्कूल, 19 कॉलेज मलबे में तब्दील, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल खंडहर
8,500 किलोमीटर सड़कें बर्बाद हो गईं और 2,500 पुल ढह गए, नुकसान 13,800 करोड़
चंडीगढ़ :
एक अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य में बाढ़ प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए 26 से 29 सितम्बर, 2025 तक पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय किया है। एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशेष सत्र हाल ही में आई बाढ़ से हुए नुकसान से संबंधित नियमों में कई जनहितकारी संशोधन प्रस्तुत करने पर केंद्रित होगा।
बाढ़ से हुई भारी तबाही का किया ज़िक्र
बाढ़ प्रभावितों के मुआवज़े संबंधी नए कानून भी सदन में पेश किए जाएंगे और मंजूरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बाढ़ से हुई भारी तबाही का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे 2,300 से अधिक गांव डूब गए, 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और पाँच लाख एकड़ ज़मीन पर खड़ी फसलें तबाह हो गईं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि इस आपदा में 56 लोगों की जान चली गई और लगभग सात लाख लोग बेघर हो गए।
कुल नुकसान लगभग 13,800 करोड़
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 3,200 सरकारी स्कूल क्षतिग्रस्त हुए, 19 कॉलेज मलबे में तब्दील हो गए, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल खंडहर बन गए, 8,500 किलोमीटर सड़कें बर्बाद हो गईं और 2,500 पुल ढह गए। उन्होंने बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार कुल नुकसान लगभग 13,800 करोड़ रुपये है, हालांकि वास्तविक आँकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है।
राहत और पुनर्वास में कोई कसर नहीं
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस विशेष सत्र के दौरान लिए जाने वाले फैसले बाढ़ प्रभावित नागरिकों को बड़ी राहत देंगे। उन्होंने इस गंभीर संकट की घड़ी में पंजाब के लोगों, विशेषकर बाढ़ प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।