पाकिस्तानी अख़बार टाइम्स ऑफ इस्लामाबाद के अनुसार, इस हमले में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 169 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और घायलों को इलाज के लिए वहां भेजा जा रहा है।
पाकिस्तानी इस्लामाबाद:-
इस्लामाबाद के पुलिस प्रमुख ने पूरे शहर में आपातकाल घोषित कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने इस धमाके में मारे गए लोगों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है।
ज़रदारी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मंत्री बोले—ऐसी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकतीं
पार्लियामेंट्री अफेयर्स के मंत्री डॉ. तारिक फ़ज़ल चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद धमाके में जान गंवाने वालों को लेकर वे बेहद दुखी हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की आतंकी घटनाएं देश और उसके लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं। ज़रूरत है कि सभी मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें।
तीन महीने पहले भी हुआ था आत्मघाती हमला

इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर आत्मघाती धमाका हुआ था। उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे अधिक आतंक प्रभावित देश बन गया है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान इस सूची में चौथे स्थान पर था।
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों में 60 प्रतिशत इजाफा हुआ है। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट–खुरासान (IS-K) ने भी अब पाकिस्तानी शहरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान पाकिस्तान के सबसे अधिक आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश में होने वाली कुल आतंकी घटनाओं में से लगभग 90 प्रतिशत घटनाएं इन्हीं क्षेत्रों में दर्ज की गई हैं।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल देश का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में इस संगठन ने 482 हमले किए, जिनमें 558 लोगों की जान गई—जो 2023 की तुलना में 91 प्रतिशत अधिक है।