जो पटियाला में पंजाब पुलिस की कमांडो बटालियन में तैनात थे।
यह घटना तब प्रकाश में आई जब सुबह रणजीत ड्यूटी पर जाने के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं आए। परिजनों को कुछ अप्रिय होने का संदेह हुआ, जिसके बाद यह दुखद सच्चाई सामने आई।
पंजाब के जालंधर जिले के संगोवाल गांव में एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ पंजाब पुलिस की कमांडो बटालियन में तैनात एक युवा कांस्टेबल रणजीत सिंह (30) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
जालंधर डेस्क :-
यह मामला सिर्फ एक पुलिसकर्मी की मृत्यु नहीं, बल्कि एक परिवार पर टूटे गहरे सदमे की कहानी है, जिसकी जड़ें गहन जांच की माँग करती हैं।
रणजीत सिंह, जो पटियाला में पंजाब पुलिस की 5वीं कमांडो बटालियन में कार्यरत थे, पिछले कुछ दिनों से अवकाश पर अपने पैतृक निवास, थाना मेहतपुर के संगोवाल गांव में थे। मंगलवार-बुधवार की रात यह दुखद घटना घटी। अगली सुबह जब रणजीत ड्यूटी पर जाने के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं आए, तो परिजनों को कुछ अप्रिय होने का संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर, उन्होंने रणजीत को फंदे से लटका पाया।
यह घटना परिवार के लिए एक असहनीय क्षति है, विशेषकर रणजीत की पत्नी और उनके दो छोटे बेटों के लिए, जिनकी उम्र मात्र 3 और 4 साल है। कम उम्र में दो बच्चों का पिता यह कदम क्यों उठाएगा, यह एक बड़ा प्रश्न है, जिसकी तह तक पहुँचना आवश्यक है।
थाना मेहतपुर के SHO बलवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और अपनी जांच शुरू की। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक नोट की सामग्री का खुलासा नहीं किया है। यह सुसाइड नोट ही इस आत्महत्या के पीछे के कारणों—चाहे वह व्यक्तिगत तनाव हो, पारिवारिक समस्याएँ हों, या ड्यूटी संबंधी दबाव—को उजागर करने की कुंजी हो सकता है।
फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है, और यह उम्मीद की जा रही है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ-साथ सुसाइड नोट की गहन जांच से कॉन्स्टेबल रणजीत सिंह की आत्महत्या के वास्तविक कारणों का जल्द ही खुलासा होगा। यह दुखद घटना पुलिस बल के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और उन्हें उपलब्ध सहायता प्रणालियों की ओर भी गंभीर ध्यान आकर्षित करती है।