The 'Saanjh Relief Centre' was inaugurated

जालंधर सिविल अस्पताल में ‘सांझ राहत केंद्र’ का उद्घाटन

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जालंधर सिविल अस्पताल में ‘सांझ राहत केंद्र’ का उद्घाटन, स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ रहीं मौजूद

जालंधर सिविल अस्पताल में ‘सांझ राहत केंद्र’ का उद्घाटन

जालंधर पहुंचने पर अधिकारियों द्वारा स्पेशल डीजीपी का स्वागत किया गया

वहीं काउंसलर जरूरत पड़ने पर थानों में जाकर पीड़ित महिलाओं से मिलेंगी

इस केंद्र में अत्याचार के मामलों को देखते दो काउंसलर तैनात किए गए हैं

मानसिक, सामाजिक और कानूनी सहायता देने लिए राहत केंद्र की शुरुआत 

अबतक 750 मामलों में केस दर्ज हैं, जिनमें जहरखुरानी के मामले भी शामिल

जालंधर

जालंधर के सिविल अस्पताल में स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने ‘सांझ राहत केंद्र’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मेडिकल सुपरिटेंडेंट, पुलिस कमिशनर धनप्रीत कौर सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जालंधर पहुंचने पर अधिकारियों द्वारा स्पेशल डीजीपी का स्वागत किया गया। स्पेशल डीजीपी ने बताया कि काउंसलर जरूरत पड़ने पर थानों में जाकर पीड़ित महिलाओं से मिलेंगी और उनके घर जाकर मामलों की जांच भी करेंगी। 

केंद्र का संचालन करेगा ‘नई शुरुआत’ 

स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत देओ ने बताया कि यह केंद्र पंजाब पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी और डिस्ट्रिक्ट लीगल अथॉरिटी के सहयोग से शुरू किया गया है। केंद्र में महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार के मामलों को देखते हुए दो काउंसलर तैनात किए गए हैं। इस केंद्र का संचालन ‘नई शुरुआत’ नामक एनजीओ द्वारा किया जाएगा।

कानूनी सहायता दिलाएगा राहत केंंद्र 

उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में अक्सर घरेलू हिंसा और अन्य उत्पीड़न के मामलों में महिलाएं पहुंचती हैं, लेकिन मरीजों की अधिक संख्या के कारण डॉक्टर उन्हें पर्याप्त काउंसलिंग नहीं दे पाते। ऐसे में पीड़ित महिलाओं को मानसिक, सामाजिक और कानूनी सहायता देने के उद्देश्य से इस राहत केंद्र की शुरुआत की गई है।

जहरखुरानी के मामले भी शामिल हैं

स्पेशल डीजीपी ने बताया कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं बार-बार अस्पताल आती हैं, लेकिन उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता। अब यह दो काउंसलर उनकी मदद करेंगे और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना में ऐसे केंद्र पहले से संचालित हो रहे हैं, जहां अब तक 1000 में से करीब 750 मामलों में केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें जहरखुरानी के मामले भी शामिल हैं।

आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम 

उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं से बातचीत कर उन्हें दोबारा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। यह केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। सिविल अस्पताल में आने वाली महिलाओं के अलावा बाहर से आने वाली महिलाएं भी यहां काउंसलिंग ले सकेंगी। अब तक कई मामलों का समाधान किया जा चुका है और आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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