The Delhi Police has not granted permission

‘चलो संसद’ मार्च पर दिल्ली हाई अलर्ट : 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे, बैरिकेडिंग तोड़ी

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 20 2026 04:44:37 PM

‘चलो संसद’ मार्च पर दिल्ली हाई अलर्ट : 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे, बैरिकेडिंग तोड़ीदिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है

‘चलो संसद’ मार्च पर दिल्ली हाई अलर्ट  10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे बैरिकेडिंग तोड़ी

‘चलो संसद’ मार्च पर दिल्ली हाई अलर्ट : 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे, बैरिकेडिंग तोड़ी

दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है

सुबह-सुबह कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी

हालांकि पुलिस ने हालात पर जल्द नियंत्रण पा लिया

पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई

कानून व्यवस्था बिगाड़ने का इरादा नहीं है : दिपके

नई दिल्ली 

राजधानी दिल्ली में सोमवार को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर माहौल गर्म हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे, जबकि दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिसके बाद कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी। हालांकि पुलिस ने हालात पर जल्द ही नियंत्रण पा लिया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले एक महीने से लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और किसी भी तरह की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। फिलहाल जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर बनी हुई है, जबकि सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या आंदोलन और तेज होता है।

सोनम वांगचुक ने रखी तीन अहम शर्तें

उधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन के लिए तीन अहम शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की खामियों और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी शर्त के तहत CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए और सांसद इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दें। तीसरी शर्त में कहा गया यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद नहीं जा सकते, तो विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यही आश्वासन दें।

सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह रहीं सतर्क

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद क्षेत्र के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और RAF के जवान तैनात किए गए हैं। जंतर-मंतर के चारों ओर तीन स्तर की बैरिकेडिंग की गई है, जिसके कारण प्रस्तावित संसद मार्च तय समय पर शुरू नहीं हो सका। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के सामने डटे रहे और आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कुछ देर तक नारेबाजी और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी रही।

कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध

संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा भवन समेत कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। वहीं नई दिल्ली जिले में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संसद मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है।

क्या कहता है संविधान का अनुच्छेद 19 

संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार प्राप्त है, लेकिन सार्वजनिक रैली, जुलूस या मार्च निकालने के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होता है। यदि बिना अनुमति मार्च निकालने का प्रयास किया जाता है, तो पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसे रोक सकती है और आवश्यक होने पर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

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