कश्मीर के कुलगाम में पहलगाम जैसा फिर वही पैटर्न, पहले नाम पूछा, फिर दो हिंदुओं को गोली मारी
कुलगाम में आतंकियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है
छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों से उनके नाम पूछे और फिर गोली मार दी
यह हमला भी पहलगाम जैसा माना जा रहा, 26 लोगों की जान चली गई थी
आतंकियों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान
नेशनल डेस्क
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है। आतंकवादियों ने शुक्रवार रात करीब सवा 8 बजे केलम इलाके में एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले छत्तीसगढ़ के दो हिंदू प्रवासी मजदूरों से उनके नाम पूछे और फिर दोनों को अलग करके गोली मार दी। हमले में दोनों की मौत हो गई। यह हमला भी पहलगाम हमले जैसा ही माना जा रहा है, जहां धर्म के आधार पर कई पर्यटकों को करीब से गोली मार दी गई थी। उस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया था।
सीने और पेट में गोली लगी थी
आतंकियों के मौके से फरार होने के बाद साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को अनंतनाग के जीएमसी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने 24 वर्षीय दीपक रातरे को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 28 वर्षीय भूपेंद्र की हालत गंभीर होने के कारण उसे श्रीनगर के SKIMS अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन देर रात उसकी भी मौत हो गई। बताया गया है कि दीपक के सीने और भूपेंद्र के पेट में गोली लगी थी।
सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन
हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। आतंकियों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। संगठन ने आने वाले दिनों में इस तरह के और हमले करने की धमकी भी दी है।
9 दिन में दूसरा टारगेट अटैक
कश्मीर में नौ दिनों के भीतर यह दूसरा टारगेट हमला बताया जा रहा है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में श्री अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इस साल कश्मीर में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला