टैक्स-फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की देशव्यापी हड़ताल, देशभर में विरोध तेज हो रहा है
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी व्यापार समझौता खत्म करने की मांग कर रही
नए व्यापार समझौते देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होंगे
इससे स्पष्ट है कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोल दिया है
प्रतिस्पर्धा असमान होगी और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता
पंजाब डेस्क
भारत-अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ किए गए टैक्स-फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का देशभर में विरोध तेज हो रहा है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब लंबे समय से इन व्यापार समझौतों को खत्म करने की मांग कर रही है। संगठन ने 12 फरवरी को प्रस्तावित ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है।
संगठन नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सबरा और प्रदेश महासचिव राणा रणबीर सिंह ने कहा कि संगठन मोदी सरकार के व्यापार समझौतों के खिलाफ एकजुट है और इन्हें रद्द करवाने के लिए किसान लगातार संघर्ष करेंगे। नए व्यापार समझौते देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक साबित होंगे। उनके मुताबिक भारत का सामान अमेरिका में 18% टैरिफ के साथ बिकेगा, जबकि अमेरिकी सामान भारत में बिना टैरिफ के बेचा जाएगा। इसे बड़ी उपलब्धि बताकर लोगों को गुमराह कर रही है।
कृषि बाजार खुलने से नुकसान की आशंका
नेताओं ने कहा कि अमेरिकी नेताओं के बयान से स्पष्ट है कि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोल दिया है। भारी सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी किसानों से मुकाबला करना छोटे भारतीय किसानों के लिए मुश्किल होगा। किसान नेताओं के अनुसार भारत में करीब 85% किसान 2.5 एकड़ तक जमीन वाले हैं, जबकि अमेरिका में हजारों एकड़ में खेती करने वाले किसान हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा असमान होगी और भारतीय किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।