The maximum temperature in Punjab has risen

पंजाब-चंडीगढ़ में बदला मौसम, 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 27 2026 11:45:42 AM

पंजाब-चंडीगढ़ में बदला मौसम, 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिशपंजाब के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है

पंजाब-चंडीगढ़ में बदला मौसम 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश

पंजाब-चंडीगढ़ में बदला मौसम, 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश

पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है

सबसे अधिक 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया

वहीं पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 13,967 मेगावाट दर्ज की गई

भाखड़ा का जलस्तर 1,594 फीट, जो खतरे के निशान से 86 फीट नीचे

चंडीगढ़ 

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है। कई इलाकों में रात से ही बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 27 जुलाई से अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 28 और 29 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। सबसे अधिक 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। वहीं, चंडीगढ़ में रात तक 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। 

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, मोहाली, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

अगले कुछ दिनों एक्टिव होगा मानसून

मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, राजस्थान के ऊपर बने लो-प्रेशर एरिया और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बन्स के कारण पंजाब और चंडीगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

बिजली की मांग 13,967 मेगावाट पहुंची

रविवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 13,967 मेगावाट दर्ज की गई। राज्य के बिजलीघरों ने 4,417 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि बाकी बिजली अन्य स्रोतों से ली गई। 595 मेगावाट कम बिजली मिलने के बावजूद पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य रही।

भाखड़ा और पोंग डैम फिल्हाल सुरक्षित

भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,594 फीट पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 86 फीट नीचे है। वहीं पोंग डैम का जलस्तर 1,330.55 फीट है, जो खतरे के निशान से करीब 59.45 फीट नीचे है। दोनों डैमों का जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल किसी भी तरह का खतरा नहीं है।

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