Road traffic disrupted on the Narayanpur Ladheti

पठानकोट में लैंडस्लाइड, कई गांवों का संपर्क टूटा : अमृतसर में बारिश, मोहाली में बादल छाए; पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन का अलर्

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 21 2026 01:48:55 PM

पठानकोट में लैंडस्लाइड, कई गांवों का संपर्क टूटा : अमृतसर में बारिश, मोहाली में बादल छाए; पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन का अलर्टनारायणपुर-लधेटी रोड पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क मार्ग बाधित

पठानकोट में लैंडस्लाइड कई गांवों का संपर्क टूटा  अमृतसर में बारिश मोहाली में बादल छाए पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन का अलर्

पठानकोट में लैंडस्लाइड, कई गांवों का संपर्क टूटा : अमृतसर में बारिश, मोहाली में बादल छाए; पंजाब-चंडीगढ़ में 3 दिन का अलर्ट

नारायणपुर-लधेटी रोड पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क मार्ग बाधित 

सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोग आवाजाही में परेशानी का सामना कर रहे

मौसम खराब रहने के कारण कई जिलों में सुबह बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही 

वहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका

चंडीगढ़ : 

पठानकोट के धारकलां क्षेत्र में बारिश के बीच आज लैंडस्लाइड हो गया। नारायणपुर-लधेटी रोड पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क मार्ग बाधित हो गया, जिससे आसपास के कई गांवों का शहर से संपर्क टूट गया है। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धारकलां में भारी बारिश के बाद बच्चे स्कूल नहीं जा पाए। अमृतसर में भी बारिश हो रही है, जबकि मोहाली में बादल छाए हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज से अगले तीन दिनों के लिए पंजाब-चंडीगढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 11 जिलों और 27 तहसील व सब-डिवीजन में सुबह 10:15 बजे तक बारिश और तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

बिजली की डिमांड चौदह हजार मेगावाट

पंजाब के कई जिलों में अभी भी गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। इसके चलते राज्य में बिजली की मांग 14,350 मेगावाट से अधिक दर्ज की गई। इस दौरान 9,197 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से प्राप्त की गई, जबकि शेष बिजली का उत्पादन पंजाब ने अपने स्तर पर किया। वहीं, मौसम खराब रहने के कारण कई जिलों में सुबह के समय बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही और लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।

भाखड़ा और पोंग डैम डेंजर लेवल से नीचे

भाखड़ा बांध का मौजूदा जलस्तर 1585.52 फीट है, जबकि इसका डेंजर लेवल 1680 फीट निर्धारित है। यानी बांध का जलस्तर अभी डेंजर लेवल से 94.48 फीट नीचे है। वहीं, पोंग बांध का जलस्तर 1322.32 फीट है, जो इसके 1390 फीट के डेंजर लेवल से 67.68 फीट कम है। हालांकि दोनों बांधों में जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल वे अपने-अपने डेंजर लेवल से काफी नीचे हैं। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

इस वजह से बनी बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, मौसम प्रणाली में बदलाव के कारण पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। 21 जुलाई को व्यापक बारिश की संभावना है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज बारिश भी हो सकती है। मानसून की ट्रफ लाइन दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसी कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बढ़ी है।

आसमानी बिजली गिरने की आशंका है

मौसम विभाग के अनुसार, सरदूलगढ़, बुढलाडा, मानसा, तलवंडी साबो, मलोट, बठिंडा, गिद्दड़बाहा, रामपुरा फूल, जैतू, बाघा पुराना, फरीदकोट, कोटकपूरा, तरनतारन, खडूर साहिब, कपूरथला, बाबा बकाला, अमृतसर-1, अमृतसर-2, बटाला, अजनाला, डेरा बाबा नानक, भुलत्थ, दसूआ, मुकेरियां, गुरदासपुर, पठानकोट और धारकलां में मध्यम बारिश की संभावना है। इन इलाकों में आसमानी बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।

इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना

बुढलाडा, मानसा, बरनाला, तपा, पटियाला, राजपुरा, डेराबस्सी, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, तलवंडी साबो, अबोहर, मलोट, बठिंडा, गिद्दड़बाहा, फाजिल्का, रामपुरा फूल, जैतू, श्री मुक्तसर साहिब, जलालाबाद, बस्सी पठाना, चंडीगढ़, खरड़, चमकौर साहिब, रूपनगर, बाघा पुराना, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, जीरा, शाहकोट, कोटकपूरा, सुल्तानपुर लोधी, तरनतारन, खडूर साहिब, निहाल सिंह वाला, जगराओं, नकोदर, कपूरथला, जालंधर-2, भुलत्थ, दसूआ और मुकेरियां में हल्की बारिश की संभावना है।

Related to this topic: