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जालंधर ED ने 187 करोड़ की संपत्तियों पर कसा शिकंजा, FBI के इनपुट से खुला ठगी का नेटवर्क

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 05 2026 01:58:42 PM

जालंधर ED ने 187 करोड़ की संपत्तियों पर कसा शिकंजा, FBI के इनपुट से खुला ठगी का नेटवर्कयह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई

जालंधर ed ने 187 करोड़ की संपत्तियों पर कसा शिकंजा fbi के इनपुट से खुला ठगी का नेटवर्क

जालंधर ED ने 187 करोड़ की संपत्तियों पर कसा शिकंजा, FBI के इनपुट से खुला ठगी का नेटवर्क

यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई 

हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और गोवा में स्थित लग्जरी विला, फार्महाउस जब्त

विदेशी नागरिकों, खासकर US से करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया

“Digikaps – The Future of Digital” नाम से एक अवैध कॉल सेंटर संचालित 

जांच जारी व आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई 

जालंधर

जालंधर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए कथित साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 187.13 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां अटैच की हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और गोवा में स्थित लग्जरी विला, फार्महाउस और अन्य रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल हैं। इस मामले की जांच उस FIR के आधार पर शुरू की गई थी, जिसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI से प्राप्त जानकारी के बाद दर्ज किया था। आरोप है कि इस गिरोह ने विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों, से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

फर्जी टेक सपोर्ट के नाम पर बनाते थे शिकार

ईडी की जांच में सामने आया कि “Digikaps – The Future of Digital” नाम से एक अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से कर्मचारियों के जरिए अमेरिकी नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट देने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद उनकी निजी और वित्तीय जानकारी हासिल कर उन्हें अमेरिकी टैक्स एजेंसी (IRS) की कार्रवाई का डर दिखाया जाता था।

क्रिप्टो से रियल एस्टेट तक पहुंचा अवैध धन

ईडी के मुताबिक ठगी से जुटाई गई रकम को पहले क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए ट्रांसफर किया गया और बाद में शेल कंपनियों के माध्यम से हरियाणा, दिल्ली और गोवा में रियल एस्टेट में निवेश किया गया। जांच में Bliss Infraproperties LLP का नाम भी सामने आया है, जिसके जरिए कथित तौर पर अवैध धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

पहले भी 13 ठिकानों पर हो चुकी छापेमारी

इस मामले में जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान ईडी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को कई डिजिटल डिवाइस, करीब 34 लाख रुपये की नकदी और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। जांच में जॉनी उर्फ जॉनी त्यागी, दक्शे सेठी, राघव सतिहा, निखिल वर्मा, गौरव वर्मा और गौतम ढींगरा सहित कई लोगों के नाम सामने आए हैं।c

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