With this decision, Maharashtra has become

पनीर बनाने और बेचने पर लगा बैन, नियम का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 05 2026 01:43:45 PM

पनीर बनाने और बेचने पर लगा बैन, नियम का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाईफैसला लेकर छत्तीसगढ़ के बाद दूसरा राज्य बन गया है महाराष्ट्र

पनीर बनाने और बेचने पर लगा बैन नियम का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

पनीर बनाने और बेचने पर लगा बैन, नियम का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई

फैसला लेकर छत्तीसगढ़ के बाद दूसरा राज्य बन गया है महाराष्ट्र

पकड़ा गया तो उस पर भारी जुर्माना और जेल तक भेजा जाएगा

6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा

कोई मौत होने पर उम्रकैद और  10 लाख रु का लगेगा जुर्माना

लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम (एनालॉग)/नॉन-डेयरी पनीर के बनाने, बेचने और स्टोर करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। अगर कोई भी पनीर बनाते हुए या फिर बेचते हुए पकड़ा गया तो उस पर भारी जुर्माना और जेल तक भेजा जाएगा। यह फैसला महाराष्ट्र सरकार ने लिया है। वह ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ के बाद दूसरा राज्य बन गया है।

फूड सेफ्टी कमिश्नर के आदेश जारी 

महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अगर राज्य में कोई भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान एनालॉग पनीर को असली डेयरी पनीर बताकर बेचता है, तो इसे कस्टमर्स को गुमराह करना औरफूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 तहत अनुचित व्यापारिक गतिविधि माना जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

6 महीने की जेल का भी प्रावधान

कानून के अनुसार, अपराध की गंभीरता के आधार पर दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, अगर इसे खाने से किसी व्यक्ति की मौत होती है, तो दोषियों को उम्रकैद और कम से कम 10 लाख रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

जानिए क्या होता है एनलॉग पनीर

दरअसल, असली पनीर प्रोटीन का अच्छा सोर्स होता है और इसे दूध से तैयार किया जाता है जबकि एनालॉग पनीर एक तरह से तेल का गोला होता है जिसे वेजिटेबल ऑयल्स आदि से बनाया जाता है। इसे बनाने में डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। कई दुकानदार एनलॉग पनीर को भी असली पनीर बताकर बेच देते थे।

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