जालंधर DC वरजीत वालिया का बड़ा बयान, SIR नोटिस मिलने से वोट नहीं होगा रद्द
तकनीकी त्रुटि, डेटा मिसमैच या रिकॉर्ड मैपिंग से जुड़ी समस्या पर नोटिस होंगे जारी
निर्धारित अवधि के दौरान वह दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकता है
नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और रिकॉर्ड में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग
यदि वोटर स्वयं वहां नहीं आता तो परिवार के वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकता
जालंधर
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के बीच फैली भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मतदाता को SIR के तहत नोटिस मिला है, तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसका वोट रद्द कर दिया गया है। नोटिस केवल उन मामलों में जारी किए जा रहे हैं, जहां तकनीकी त्रुटि, डेटा मिसमैच या रिकॉर्ड मैपिंग से जुड़ी कोई समस्या सामने आई है। वरजीत वालिया ने कहा कि यदि किसी कारणवश किसी वोटर का नाम ड्राफ्ट वोटिंग लिस्ट में शामिल नहीं हो पाता है, तो वह निर्धारित अवधि के दौरान दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकता है। नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 और रिकॉर्ड में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है।
तार्किक त्रुटि या अनमैप्ड एंट्री पर नोटिस जारी
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि SIR की पूरी प्रक्रिया पुरानी मतदाता सूची को आधार बनाकर की गई है। सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया था। जिन मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। केवल उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे, जहां रिकॉर्ड में कोई तार्किक त्रुटि या अनमैप्ड एंट्री पाई जाएगी।
BLO ने किया पते और जानकारी का सत्यापन
जालंधर के डीसी वरजीत वालिया ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने यह भी सुनिश्चित किया कि संबंधित मतदाता दिए गए पते का सामान्य निवासी है या नहीं तथा उसकी जानकारी सही ढंग से दर्ज की गई है। एन्यूमरेशन फॉर्म स्वयं मतदाता या उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा भी भरा जा सकता था और ऐसे सभी फॉर्म स्वीकार किए गए हैं।
परिवार का सदस्य भी कर सकेगा प्रक्रिया पूरी
उन्होंने बताया कि जिन वोटर्स को नोटिस जारी किया जाएगा, उन्हें निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा। यदि कोई वोटर स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य या निकट संबंधी को अधिकृत कर सकता है। बीएलओ द्वारा दिए जाने वाले प्राधिकरण पत्र के माध्यम से अधिकृत व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेगा।
डीसी ने मतदाताओं से की यह भावुक अपील
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। उन्होंने सभी वोटर्स से अपील है कि अगर उन्हें कोई नोटिस मिले तो घबराने की बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेज पेश कर वेरिफिकेशन कराएं।