A demand for a 2% commission on every bill

रिश्वत मांगने के आरोप में SSE इंजीनियर गिरफ्तार, साक्ष्य मिलने के बाद सीबीआई ने लिया एक्शन

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 07 2026 03:48:32 PM

रिश्वत मांगने के आरोप में SSE इंजीनियर गिरफ्तार, साक्ष्य मिलने के बाद सीबीआई ने लिया एक्शनबठिंडा ठेकेदार हेमंत बांसल से प्रत्येक बिल पर 2% कमीशन की मांग की

रिश्वत मांगने के आरोप में sse इंजीनियर गिरफ्तार साक्ष्य मिलने के बाद सीबीआई ने लिया एक्शन

रिश्वत मांगने के आरोप में SSE इंजीनियर गिरफ्तार, साक्ष्य मिलने के बाद सीबीआई ने लिया एक्शन

बठिंडा ठेकेदार हेमंत बांसल से प्रत्येक बिल पर 2% कमीशन की मांग की

रिश्वत न देने पर बिलों को लंबित रखा गया और ठेकेदार को किया परेशान

शिकायत मिलने के बाद ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग व दस्तावेजों की जांच

जांच में रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़े अहम साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई 

जालंधर कैंट 

सीबीआई ने नार्दर्न रेलवे की ब्रिज वर्कशॉप, जालंधर कैंट के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) इंचार्ज मिलिंद कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने बठिंडा के ठेकेदार हेमंत बांसल से प्रत्येक बिल पर दो प्रतिशत कमीशन की मांग की। रिश्वत न देने पर बिलों को लंबित रखा गया और विभिन्न आपत्तियां लगाकर ठेकेदार को लगातार परेशान किया गया। ठेकेदार हेमंत बांसल ने पहले बड़ौदा हाउस में शिकायत दर्ज कराई, जहां अधिकारियों ने बिलों की जांच कर उन्हें मंजूरी देने के निर्देश दिए। इसके बावजूद कथित उत्पीड़न जारी रहा। इसके बाद 21 जुलाई को सीबीआई में शिकायत दी गई। एजेंसी ने ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों की जांच की। जांच में रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़े अहम साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई की गई।

66 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप

सीबीआई के अनुसार रिकॉर्ड की गई बातचीत में मिलिंद कुमार और ठेकेदार के बीच पहले भुगतान हो चुके बिलों तथा लंबित बिलों पर आगे कोई जुर्माना नहीं लगाने के बदले 66 हजार रुपये रिश्वत मांगने की बात सामने आई। इसके बाद सीबीआई टीम ने ब्रिज वर्कशॉप में छापा मारकर इंजीनियर को गिरफ्तार किया और लंबित बिलों समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।

ठेकेदार ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए

हेमंत बांसल का आरोप है कि कमीशन देने से इनकार करने के बाद उनके काम में लगातार बाधाएं डाली गईं। छह महीने में पूरा होने वाला कार्य दो साल बाद भी अधूरा है। उनके अनुसार हर सप्ताह 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया और अब तक 2.64 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। साथ ही कार्यस्थल और जरूरी सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं कराई गईं।

50-60 लाख के बिल अभी लंबित, जांच जारी

ठेकेदार का दावा है कि उनके लगभग 50 से 60 लाख रुपये के बिल अभी भी लंबित हैं। उनका कहना है कि जानबूझकर आपत्तियां लगाकर भुगतान रोका गया। सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया है और चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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