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भारत की सांस्कृतिक विरासत है हमारी अमूल्य धरोहर : प्रशासक गुलाब चंद कटारिया

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: July 28 2026 02:53:09 PM

भारत की सांस्कृतिक विरासत है हमारी अमूल्य धरोहर : प्रशासक गुलाब चंद कटारिया15 सितंबर, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 से सायं 5:00 बजे तक खुली रहेगी

भारत की सांस्कृतिक विरासत है हमारी अमूल्य धरोहर  प्रशासक गुलाब चंद कटारिया

भारत की सांस्कृतिक विरासत है हमारी अमूल्य धरोहर : प्रशासक गुलाब चंद कटारिया

15 सितंबर, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 से सायं 5:00 बजे तक खुली रहेगी

सशक्त विज़ुअल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से जीवंत विरासत को संरक्षित करते हैं

आगंतुकों को आध्यात्मिक महत्ता को निकट से ही समझने का अवसर मिलता है

एग्जीबिशन जीवंत भावना को आकर्षक विज़ुअल जर्नी के माध्यम से प्रस्तुत करती

चंडीगढ़। 

पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने गवर्नमेंट म्यूज़ियम एंड आर्ट गैलरी, सेक्टर 10, चंडीगढ़ में ‘होला मोहल्ला’ फोटोग्राफी एग्जीबिशन का उद्घाटन किया। गवर्नमेंट म्यूज़ियम एंड आर्ट गैलरी तथा चंडीगढ़ ललित कला अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह एग्जीबिशन 15 सितंबर, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें हमारी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम हैं। इस अवसर पर प्रशासक के साथ मनदीप सिंह बराड़, गृह सचिव; डॉ. सैयद आबिद रशीद शाह, सचिव, कल्चर अफेयर्स; ईशा कंबोज, निदेशक, कल्चर अफेयर्स; तथा भीम मल्होत्रा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ ललित कला अकादमी उपस्थित रहे।

भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर 

प्रशासक ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है तथा होला मोहल्ला जैसी एग्जीबिशन फोटोग्राफी के सशक्त माध्यम से देश की समृद्ध परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रसिद्ध फोटोग्राफर संजय दास के कार्यों की सराहना करते हुए प्रशासक ने कहा कि यह एग्जीबिशन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के डॉक्यूमेंटेशन के प्रति उनकी दशकों लंबी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 

जीवन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हैं फोटोग्राफ्स 

एग्जीबिशन में प्रदर्शित फोटोग्राफ्स होला मोहल्ला की जीवंत परंपराओं, वीरता की भावना, आध्यात्मिक आस्था और सामुदायिक जीवन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं तथा सशक्त विज़ुअल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से इस जीवंत विरासत को संरक्षित करते हैं। प्रशासक ने प्रख्यात आर्ट हिस्टोरियन, क्यूरेटर एवं आर्ट क्रिटिक डॉ. सीमा भल्ला, जिन्हें राजा रवि वर्मा अवार्ड (2023) से सम्मानित किया जा चुका है, की क्यूरेटोरियल विज़न की भी सराहना की।

आध्यात्मिक महत्ता को निकट से समझने का अवसर 

होला मोहल्ला की उनकी विचारपूर्ण क्यूरेशन इस पर्व की परंपराओं, आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन्स और आर्किटेक्चरल सेटिंग्स को एक प्रभावशाली विज़ुअल नैरेटिव में पिरोती है, जिससे आगंतुकों को ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को निकट से समझने का अवसर मिलता है। एग्जीबिशन होला मोहल्ला की जीवंत भावना को आकर्षक विज़ुअल जर्नी के माध्यम से प्रस्तुत करती है तथा साहस, समर्पण, मार्शल हेरिटेज और सामुदायिक सहभागिता की गौरवशाली परंपराओं का उत्सव मनाती है।

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