स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम, 4 आतंकी गिरफ्तार, बोतल बम हमलों में थे शामिल
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है
अजनाला की पुलिस चौकी चमियारी पर बोतल बम फेंका था
कोई घायल नहीं हुआ था और हमले की पुष्टि भी नहीं की थी
सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही
अमृतसर :
अमृतसर देहात पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। पुलिस ने शुक्रवार सुबह अजनाला इलाके में कार्रवाई करते हुए खालिस्तान लिबरेशन फोर्स यानी KLF से जुड़े चार संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी स्वतंत्रता दिवस के आसपास किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। फिलहाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमदास निवासी करणबीर सिंह, मनदीप सिंह, सुखदीप सिंह और प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यही गिरोह पहले भी पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर बोतल बम और ग्रेनेड से हमलों में शामिल रहा है। आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर इन आरोपियों ने 23 जुलाई की आधी रात सीमावर्ती थाना अजनाला की पुलिस चौकी चमियारी पर बोतल बम फेंका था।
कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं
हालांकि उस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं थी और पुलिस अधिकारियों ने उस समय चौकी पर हमले की पुष्टि नहीं की थी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या एएसआई जोगा सिंह की हत्या और आर्मी क्षेत्र खासा के बाहर हुए धमाके में भी इसी गिरोह का हाथ था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं।
सुरक्षा एजेंसीज की बड़ी सफलता
फिलहाल चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। दोपहर दो बजे के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग करेगी ताकि पूरे मॉड्यूल, हथियारों की सप्लाई, फंडिंग और पाकिस्तान से जुड़े संभावित संपर्कों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।