जालंधर के सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में लगी आग, कई प्रेग्नेंट महिलाएं थी भर्ती
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एसी के ज्यादा गर्म होने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ
एसी से काले धुएं के गुबार निकलने लगे और आग ने सामान को भी चपेट में ले लिया
कुछ ही देर में पूरे वार्ड में फैल गया घना धुआं, जबकि वार्ड की सफाई करवाई गई
सुरक्षा कर्मचारियों ने सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान और दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया
जालंधर
जालंधर के सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में सुबह करीब 5 बजे अचानक आग लग गई। आग लगते ही वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय वार्ड में 4 बच्चे भर्ती थे। अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों ने सभी मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थान और दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एसी के ज्यादा गर्म होने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद एसी में आग लग गई। देखते ही देखते एसी से काले धुएं के गुबार निकलने लगे और आग ने आसपास रखे सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में पूरे वार्ड में घना धुआं फैल गया।
फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर बुझाई आग
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद वार्ड में भरे धुएं को बाहर निकालने का काम किया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार, एक एसी में लगी आग का असर दूसरे एसी और कमरे की बिजली की वायरिंग पर भी पड़ा। इससे कई बिजली की तारें जल गईं।
बच्चों-माताओं को सुरक्षित जगह किया शिफ्ट
आग की जानकारी मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा कर्मचारियों और स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे वार्ड को खाली कराया और सभी बच्चों और उनकी माताओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया। अस्पताल की डॉक्टर प्रिया कौशल के अनुसार, एसी के ज्यादा गर्म होने के कारण शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। कुछ ही देर में पूरे वार्ड में घना धुआं फैल गया। फिलहाल वार्ड की सफाई करवाई जा रही है।
समय रहते पूरे वार्ड को खाली करा लिया गया
जानकारी के अनुसार घटना के वक्त करीब 10 से 20 प्रेग्नेंट महिलाएं भर्ती थीं। फायरकर्मियों ने समय रहते पूरे वार्ड को खाली करा लिया और सभी मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। अस्पताल के सुरक्षा इंचार्ज ने बताया कि हादसे में किसी की जान नहीं गई और सभी मरीज व बच्चे सुरक्षित हैं। हालांकि, आग की चपेट में आने से बेड, गद्दे, बिजली के उपकरण और अन्य सामान जल गया। आग के कारण कमरे की दीवारें भी काली पड़ गई हैं।