Handling the situation, the aircraft was landed

फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस, 12 लोग घायल; सीलिंग पैनल में आई दरारें

Written by:

Yug Nayyar

Last Updated: August 04 2026 05:25:50 PM

फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस, 12 लोग घायल; सीलिंग पैनल में आई दरारेंस्थिति को संभालते हुए विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया

फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस 12 लोग घायल सीलिंग पैनल में आई दरारें

फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस, 12 लोग घायल; सीलिंग पैनल में आई दरारें

स्थिति को संभालते हुए विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया

घायलों को दिल्ली एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच के लिए ले जाया गया

12 यात्री और क्रू मेंबर्स थे सवार, कुछ घायलों को अस्पताल भी भेजा गया है

वहीं केवल टर्बुलेंस की वजह से दुर्घटना की संभावना आमतौर पर कम होती

नई दिल्ली

एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 मंगलवार को तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। अचानक तेज झटकों के कारण विमान कई बार हिलने लगा और कुछ समय के लिए नीचे की ओर आया। हालांकि, पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। इस घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच की जा रही है। एजेंसी PTI के मुताबिक, घटना में विमान में सवार 12 यात्री और क्रू मेंबर्स घायल हुए हैं। घायलों को दिल्ली एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में जांच और प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया। बाद में कुछ घायलों को अस्पताल भी भेजा गया।

तेज झटकों से विमान की छत में दरारें

टर्बुलेंस के दौरान विमान के अंदर यात्रियों और क्रू मेंबर्स को तेज झटके महसूस हुए। सामने आई तस्वीरों में विमान की सीलिंग के पैनल में दरारें दिखाई दे रही हैं। एक एयर होस्टेस की गर्दन में चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। घटना की जांच की जा रही है।

विमान को तेज झटके लगने लगते हैं

क्या होता है टर्बुलेंस? : टर्बुलेंस उस स्थिति को कहते हैं, जब हवा का बहाव अचानक बदल जाता है और विमान को तेज झटके लगने लगते हैं। यात्रियों को कई बार ऐसा महसूस होता है कि विमान नीचे गिर रहा है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता। तेज टर्बुलेंस में सीट बेल्ट न लगाए यात्रियों को चोट का खतरा बढ़ जाता है।

टर्बुलेंस से विमान क्रैश हो सकता है?

आधुनिक विमानों को टर्बुलेंस जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है और पायलटों को इससे निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। गंभीर टर्बुलेंस में यात्रियों को चोट लग सकती है, लेकिन केवल टर्बुलेंस की वजह से विमान दुर्घटना की संभावना आमतौर पर काफी कम होती है।

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